@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
बहुचर्चित अनाथ मेकअप आर्टिस्ट भावना सिंह की हत्या कहीं गैर-इरादतन हत्या मे न बदल जाएँ? और पुलिस की जांच केवल जुए, सट्टे तक ही सीमित रह जाए।
कानून में, हत्या (murder) और गैर-इरादतन हत्या के बीच मुख्य अंतर इरादे (intention) का होता है। हत्या जानबूझकर की जाती है, हत्या मे पहले से योजना बनाई जाती है। जबकि गैर-इरादतन हत्या में जानबूझकर मारने का इरादा नहीं होता, बल्कि यह लापरवाही या अचानक गुस्से में होती है।
गैर-इरादतन हत्या के लिए सजा हत्या की तुलना में कम होती है, जो अपराध की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
क्या आरोपियों द्वारा 7 दिन फ़रारी काटने के बाद दिल्ली – ग्वालियर सड़क रूट पर पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद दिया गया बयान की पार्टी मे गाना बदला गया तो मुकुल ने गुस्से मे मारी गोली! क्या विश्वास के लायक है?
और यदि यही सच्चाई है तो संभव है की भावना सिंह की हत्या कहीं गैर-इरादतन हत्या मे न बदल जाए? जबकि उपरोक्त अपराधिक घटना पर से पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। घटना के चश्मदीद गवाहों मे कोई भी स्वतंत्र साक्षी नहीं है। दो सगे भाई और एक लड़की जो दोनों भाइयो की दोस्त है घटना स्थल पर मौजूद थे।
पुलिस के लिए बहुचर्चित अनाथ मेकअप आर्टिस्ट भावना सिंह की हत्या को सिद्ध करना और तीनों आरोपियों को भावना सिंह की हत्या के आरोप मे अपराधी सिद्ध करना एक कड़ी चुनौती होगी। क्या आरोपी ऑनलाइन सट्टे के रैकिट के अलावा कोई अन्य गैर कानूनी और अनैतिक रैकिट भी चला रहे थे? इस बात की भी पुलिस को तहकीकात करना चाहिए। घटना वाली रात क्या तीनों आरोपी 28 वर्षीय अनाथ मेकअप आर्टिस्ट भावना सिंह पर कोई अनैतिक काम करने का दबाव तो नही बना रहे थे? और उस अनैतिक काम को नही करने की वजह से आरोपियों ने मिलकर, जानबूझ कर भावना सिंह को गोली मारी हो? या ऑनलाइन सट्टे और गैम्ब्लिंग के धंधे के बारे मे भावना सिंह को भी शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा हो या शामिल किया गया हो? या उसके नाम पर अवैध बैंक खाते खोले गए हो? यह सब तो पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल तीनों आरोपी 2 अप्रैल तक पुलिस की रिमांड मे है।
21 मार्च को इंदौर शहर के महालक्ष्मी नगर में एक फ्लैट में ऑनलाइन सट्टे और गैम्ब्लिंग का रैकिट चलाने वाले अय्याश, शराबखोर, पार्टीबाज, शातिर मध्य प्रदेश के दतिया जिले के निवासी 24 वर्षीय आशु यादव और उसका बड़ा भाई 28 वर्षीय मुकुल यादव के द्वारा पुलिस को बयान दिया (जैसा की पुलिस ने मीडिया को बताया) की घटना वाले दिन 4 लोगों की शराब पार्टी एक फ्लैट मे रात को 11 बजे के दरमिया जिसमे दो सगे भाई और दो लड़कियाँ जिसमे एक भावना सिंह थी। पार्टी मे गाना बदला गया तो मुकुल ने गोली चला दी, जो भावना सिंह को शायद आँख मे लगी पार्टी मे मौजूद तीनों लोग उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन गंभीर हालत देख अस्पताल से भावना को छोड़ कर भाग गए! जहाँ भावना सिंह की मौत हो जाती है।
आरोपी आशु यादव और उसका बड़ा भाई मुकुल यादव बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा का काम करते थे। पहले भी लोगों के बैंक खातों को अवैध रूप से इस्तेमाल करने के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। यादव बंधु 6 महीने से देश भर में ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे!
घटना वाले फ्लैट से पुलिस ने 28 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 60 से ज्यादा बैंक खातों की पासबुक, 50 से अधिक ATM कार्ड पुलिस ने बरामद किए।
आशु और मुकुल यादव के पिता की हत्या हो चुकी है, स्वस्ति राय के पिता कोई काम नहीं करते हैं, माँ शिक्षक है। वहीं मृत भावना सिंह के माता पिता भी नहीं है, उनकी काफी समय पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
इंदौर के लसुडिया पुलिस के अनुसार आरोपियों को दिल्ली ग्वालियर रूट से ग़िरफ़्तार किया, आरोपी मध्यप्रदेश के दतिया जिला जो भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री मध्यप्रदेश सरकार का ग्रह जिला है वहाँ के निवासी है। हिमाचल के कसोल भाग चुके थे। वो नेपाल भागने की तैयारी मे थे। ऐसा पुलिस ने मीडिया को बताया।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर